केंद्र ने प्राकृतिक गैस वितरण के लिए नई प्राथमिकता सूची तय की, जानें क्या बदला
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को घरेलू ऊर्जा बाजार को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी अधिनियम) लागू करते हुए रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है, ताकि देश में रसोई गैस की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, जारी नियंत्रण आदेश के तहत प्रमुख हाइड्रोकार्बन संसाधनों को LPG पूल में डायवर्ट किया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक गैस के वितरण के लिए नई प्राथमिकता सूची तय की गई है, ताकि मौजूदा आपूर्ति बाधाओं को प्रभावी तरीके से संभाला जा सके।
नई व्यवस्था के तहत घरेलू पाइप्ड गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति 100% सुनिश्चित की गई है। वहीं चाय उद्योग, विनिर्माण इकाइयों और गैस ग्रिड से जुड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों के औसत उपभोग का 80% गैस ही मिलेगी। उर्वरक संयंत्रों को भी औसत खपत का 70% गैस आवंटित किया गया है। इस पुनर्संतुलन के तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों की प्राकृतिक गैस आपूर्ति में 35% कटौती की गई है।

खाई में गिरी कार, आग लगते ही दो जिंदगियां खत्म—चिंतपूर्णी हादसा
100% एथेनॉल (E100) पर चलने वाली गाड़ियों को मिल सकती है मंजूरी
West Bengal चुनाव के बीच मामला Supreme Court of India पहुंचा