मस्जिद में नमाजियों की संख्या कम कराने पर हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, कहा
संभल। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने पर संभल डीएम और एसपी को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। अगर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई को लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। या फिर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। हर परिस्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका काम है।
जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा कि यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। अगर वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी इजाजत की जरूरत नहीं। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि राज्य का दखल सिर्फ वहीं जरूरी है, जहां प्रार्थना या धार्मिक काम सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जाने हों। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान के मुताबिक, पिछले साल फरवरी महीने में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें।

पाकिस्तान में गैस संकट गहराया, गुब्बारों में LPG भरकर खाना बना रहे लोग
पेंशन अधिकार है, बख्शीश नहीं: Supreme Court of India का सख्त रुख
Sonu Sood का सवाल: बरगी क्रूज हादसे पर कब रुकेगा मौत का सिलसिला?
IPL में इतिहास रचने की चाह, राहुल बोले- धोनी से प्रेरणा