महाकालेश्वर मंदिर में निंजा की आंखें नम, भस्म आरती में डूबे भक्ति भाव में
उज्जैन। अवंतिका नगरी की पुण्य धरा पर आज भक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध पंजाबी गायक और अभिनेता अमित भल्ला, जिन्हें दुनिया ‘निंजा’ के नाम से जानती है, बाबा महाकाल के दरबार में नतमस्तक होने पहुँचे। उन्होंने न केवल विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में सहभागिता की, बल्कि उज्जैन की आध्यात्मिक ऊर्जा का साक्षात्कार भी किया।
भस्म आरती: एक दिव्य और अलौकिक अनुभव
मंगलवार तड़के जब मंदिर के पट खुले, तो निंजा बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती के साक्षी बने। तड़के होने वाली इस आरती की दिव्यता ने कलाकार को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साधना: आरती के दौरान निंजा पूरी तरह शिव की भक्ति में लीन नजर आए।
पूजन: उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर विशेष पूजा-अर्चना की और राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
"महाकाल की ऊर्जा को शब्दों में बांधना मुमकिन नहीं"
दर्शन के उपरांत मीडिया से मुखातिब होते हुए निंजा का चेहरा आध्यात्मिक संतोष से चमक रहा था। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा:
"बाबा महाकाल की नगरी में कदम रखते ही एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। भस्म आरती के दर्शन के बाद ऐसा लग रहा है मानो साक्षात ईश्वर का आशीर्वाद मिल गया हो। इस शांति और आनंद को शब्दों में बयां करना कठिन है।"
सादगी ने जीता श्रद्धालुओं का दिल
एक बड़े सेलिब्रिटी होने के बावजूद मंदिर परिसर में निंजा की सादगी चर्चा का विषय रही। वे घंटों तक एक आम श्रद्धालु की तरह ध्यान में बैठे रहे। मंदिर में मौजूद अन्य भक्तों ने भी उनकी गहरी आस्था और सरल व्यवहार की सराहना की।
मुख्य आकर्षण:
- भक्ति भाव: आरती के दौरान शांत चित्त और ध्यानमग्न मुद्रा।
- परंपरा का सम्मान: मंदिर की प्राचीन परंपराओं और नियमों का पूरी श्रद्धा से पालन।
- संदेश: अपनी यात्रा के माध्यम से उन्होंने युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और आध्यात्मिकता से जुड़ने का संदेश दिया।

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