विश्व मलेरिया दिवस 2026: जानें क्यों मनाया जाता है यह दिन और क्या है इस साल की खास थीम
विश्व मलेरिया दिवस: इतिहास, महत्व और बचाव के उपाय
इतिहास और शुरुआत विश्व मलेरिया दिवस की नींव साल 2000 में 'अफ्रीका मलेरिया डे' के रूप में पड़ी थी। इसके महत्व को देखते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने साल 2008 में इसे वैश्विक स्तर पर मनाने का निर्णय लिया। तब से हर साल 25 अप्रैल को यह दिवस मनाया जा रहा है ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
साल 2026 की विशेष थीम इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम “Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must.” रखी गई है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि आधुनिक चिकित्सा और जागरूकता के माध्यम से मलेरिया को खत्म करना पूरी तरह संभव है और अब हमें इस दिशा में और अधिक सक्रियता दिखाने की जरूरत है।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज मलेरिया एक मच्छर जनित बीमारी है जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में कंपकंपी (ठंड लगना), सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी या उल्टी जैसा महसूस हो, तो इसे सामान्य बुखार समझकर बैठने के बजाय तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर इलाज ही इस बीमारी को गंभीर होने से रोक सकता है।
कैसे करें बचाव? मलेरिया से सुरक्षा ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। रात को सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें। अपने घर के आसपास जलभराव न होने दें, क्योंकि ठहरे हुए पानी में ही मच्छर अंडे देते हैं। कूलर, गमलों और नालियों की सफाई का विशेष ध्यान रखें। जागरूकता फैलाकर न केवल आप अपनी जान बचा सकते हैं, बल्कि समाज को भी इस घातक बीमारी से मुक्त कर सकते हैं।

राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव