स्वामी रामभद्राचार्य के बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल
रायपुर: "छत्तीसगढ़ है प्रभु श्रीराम का असली ननिहाल", रायपुर पहुंचे स्वामी रामभद्राचार्य ने हिंदू राष्ट्र और अखंड भारत पर दिया बड़ा बयान
रायपुर। शिवरीनारायण में नौ दिवसीय रामकथा के सफल समापन के बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य मंगलवार देर रात राजधानी रायपुर पहुंचे। धरमपुर नकटी स्थित राघवायनम फार्म हाउस में श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी स्वामी जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।
छत्तीसगढ़ से है दशकों पुराना नाता
अपने संबोधन में स्वामी रामभद्राचार्य ने प्रदेश के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1978 से लगातार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उन्होंने एक विशेष संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन (वर्ष 2000) हुआ था, तब वे दूधाधारी मठ में रामकथा का वाचन कर रहे थे।
"माता कौशल्या की जन्मस्थली है यह धरा"
पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्वामी जी ने छत्तीसगढ़ के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
-
प्रमाणिक ननिहाल: "छत्तीसगढ़ को प्रभु राम का ननिहाल केवल कहावत में नहीं माना जाता, बल्कि रायपुर के पास कोसला गांव माता कौशल्या की जन्मस्थली है, जो इसे वास्तव में भगवान राम का ननिहाल बनाता है।"
-
अटूट संबंध: उन्होंने कहा कि इस पावन धरा का रामायण काल से विशेष और सीधा संबंध है।
हिंदू राष्ट्र और अखंड भारत पर प्रखर विचार
स्वामी रामभद्राचार्य ने देश की वर्तमान राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थिति पर कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं:
-
हिंदू राष्ट्र: उन्होंने कहा कि यदि संसद में 370 सीटों का आंकड़ा प्राप्त हो जाए, तो भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की दिशा में मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
-
अखंड भारत: स्वामी जी ने पीओके (POK) को भारत का हिस्सा बनते देखने की इच्छा जताई और कहा कि वे इसके लिए निरंतर यज्ञ और पूजा कर रहे हैं। उन्होंने भविष्य में बलूचिस्तान और सिंध के भी भारत में विलय की संभावना जताई।
-
धर्मांतरण पर कानून: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से हुई चर्चा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है।
राजनीतिक टिप्पणी: बंगाल और भाजपा
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का "गंगोत्री से गंगासागर" तक के विस्तार का संकल्प अब साकार होता दिख रहा है, जिससे देश के सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी।
बारिश ने रोका रास्ता, फिर भी डटे रहे भक्त
मंगलवार शाम प्रदेश के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के कारण स्वामी जी का काफिला शिवरीनारायण से रायपुर आते समय रास्ते में कुछ देर फंसा रहा। खराब मौसम के चलते वे निर्धारित समय से काफी देरी से रायपुर पहुंचे। हालांकि, बारिश और ठंड के बावजूद फार्म हाउस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके स्वागत के लिए देर रात तक डटे रहे।
शिवरीनारायण में उमड़ा था जनसैलाब
बता दें कि 27 अप्रैल से 5 मई तक शिवरीनारायण के 'राम मिलेंगे आश्रम' में आयोजित भव्य रामकथा में हजारों की संख्या में भक्त उमड़े थे। इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की थी।

उम्रकैद काट चुके युवक और मुस्लिम महिला जेलर की शादी बनी चर्चा का विषय
David Warner से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 24 जून को
पैरों में सूजन की सबसे आम वजह ‘फ्लूड रिटेंशन’
स्वस्थ शरीर के लिए करें अंकुरित काले चनों का सेवन
अक्सर वायरल संक्रमण के कारण होता है हेपेटाइटिस