राजधानी में नाबालिग की संदिग्ध मौत, पुलिस ने जांच तेज की
नई दिल्ली: भाटी माइंस के जंगलों में मिला किशोर का शव, गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका से इलाके में फैली सनसनी
राजधानी दिल्ली के दक्षिणी हिस्से में स्थित भाटी माइंस के घने जंगलों से एक 14 वर्षीय किशोर का शव बरामद होने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घटनास्थल को अपने घेरे में ले लिया और छानबीन शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई है कि किशोर की हत्या गला घोंटकर की गई है, क्योंकि शव की स्थिति इसी ओर इशारा कर रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया हेतु अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों और समय का सटीक पता लगाया जा सके। अभी तक मृतक की विस्तृत पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, परंतु पुलिस संदिग्धों का सुराग लगाने के लिए हर संभावित कोण से मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन और फॉरेंसिक जांच की शुरुआत
वारदात की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी भाटी माइंस के जंगल वाले इलाके का सघन मुआयना किया है। विशेषज्ञों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक सबूतों को एकत्र किया है, जो अपराधियों तक पहुँचने में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। पुलिस बल ने जंगल के आसपास के रास्तों और संभावित निकास द्वारों की भी तलाशी ली है ताकि यह पता चल सके कि किशोर को जंगल में ही मारा गया या हत्या कहीं और करने के बाद शव को यहाँ ठिकाने लगाया गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस को इस गुत्थी को सुलझाने में और अधिक वैज्ञानिक स्पष्टता प्राप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और आसपास के इलाकों में गहन पूछताछ
अपराधियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए जंगल के प्रवेश द्वारों और आसपास की बस्तियों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस उन सभी रास्तों की निगरानी कर रही है जहाँ से जंगल के भीतर प्रवेश संभव है, ताकि घटना के समय आसपास मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों या वाहनों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही, जांच टीम स्थानीय लोगों और भाटी माइंस क्षेत्र के निवासियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पिछले कुछ घंटों में उन्होंने किसी संदिग्ध गतिविधि को देखा था। पुलिस उन लापता किशोरों का डेटा भी खंगाल रही है जिनकी शिकायत हाल ही में दर्ज कराई गई है, ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर स्थानीय निवासियों में बढ़ता आक्रोश और चिंता
इस दर्दनाक घटना के बाद भाटी माइंस और उससे सटे इलाकों में रहने वाले लोग अपनी सुरक्षा को लेकर अत्यंत चिंतित और डरे हुए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जंगल का एकांत क्षेत्र होने के कारण यहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है, जिसके चलते ऐसी आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और लाइटिंग की उचित व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल, समूचे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

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